BBC : आतंकवाद के ख़िलाफ़ 600 पृष्ठ का फ़तवा

मंगलवार, 2 मार्च, 2010 को 17:53 IST

एक महत्वपूर्ण मुस्लिम विद्वान लंदन में आतंकवाद और आत्मघाती हमलों के ख़िलाफ़ वैश्विक फ़तवा देने वाले हैं.

पाकिस्तान के डॉक्टर ताहिरुल-क़ादरी का कहना है कि 600 पृष्ठ के उनके इस फ़ैसले, जिसे फ़तवा का नाम दिया गया है, इसमें अल-क़ायदा की हिंसक विचारधारा को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया गया है.

उन्होंने अल-क़ायदा के बारे में कहा कि वह "नए नाम के साथ पुरानी बुराई है" और उसे ठीक ढंग से रोका नहीं जा सका है.

क़ादरी का आंदोलन ब्रिटेन में ज़ोर पकड़ रहा है और उसने ब्रिटेन के योजना बनाने वालों और सुरक्षा अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है.

अपने फ़तवे में उन्होंने कहा है कि इस्लाम मासूम लोगों के क़त्ल और आत्मघाती हमलों के विरुद्ध है.

हालांकि बहुत से विद्वानों ने पहले भी इस प्रकार के फ़तवे जारी किए हैं लेकिन क़ादरी के मानने वालों का कहना है कि यह दस्तावेज़ जो लंदन में जारी होने वाला है वह उन सबसे बहुत आगे जाता है.

अलक़ायदा का जवाब

उनका कहना है कि अलक़ायदा के लोग जो बातें कहते हैं इसमें उनकी एक-एक बात का जवाब दिया गया है.

इस फ़तवे में धार्मिक उद्देश्यों को भी चुनौती दी गई जिसमें आत्मघाती हमलावरों के लिए मृ्त्यु के बाद मिलने वाली चीज़ों का वादा किया जाता है.

लोकवादी विद्वान ने पिछले साल पाकिस्तान में चरमपंथी हमले की घटनाओं में वृद्धि के बाद यह दस्तावेज़ तैयार की थी.

बुनियादी पाठ को 600 पृष्ठों में वैश्विक मामलों को शामिल करने के लिए फैला दिया गया है ताकि पश्चिमी देशों में मुसलमान उनकी बातों से सहमत हों.

ब्रिटेन में डॉक्टर क़ादरी की संस्था मिनहाजुल-क़ुरान इंटरनेश्नल इसका प्रचार कर रही है.

उनका कहना है, "इस फ़तवे से संभावित आत्मघाती हमलावरों के मन में शंका पैदा होती है जो सोचते हैं कि अपनी कार्रवाई के बदले मौत के बाद की ज़िंदगी में उन्हें इनाम मिलेगा."

उनके समर्थकों का कहना है, "ब्रिटेन में मौजूद आतंकवादी गुट युवकों का ब्रेनवाश करके उन्हें हमलों के लिए भर्ती करते हैं और डॉक्टर क़ादरी का फ़तवा उनके दिमाग़ से यही चीज़ निकाल देता है."

Source : http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/03/100302_fatwa_uk_mb.shtml

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